शर्ट के बटन बनाने का बिजनेस शुरू करने की प्रक्रीया

बटन मानवीय परिधान का एक प्रमुख तथा आवश्यक अंग है लगभग प्रत्येक परिधान में किसी रूप में बटन का उपयोग होता है। यद्यपि बटन का उपयोग मुख्यतया परिधान की फिटिंग हेतु अथवा उसके अनिवार्य भाग के रूप में ही किया जाता है, परन्तु इनके साथ-साथ काफी मात्रा में बटनों का उपयोग परिधान की सजावट हेतु भी किया जाता है।

जिसके लिये विभिन्न प्रकार तथा डिजाइनों के फैन्सी बटनों का प्रचलन बढ़ा है। क्योंकि परिधान मानवीय जीवन का आवश्यक अंग है, अत: बटन बनाने की यदि कोई इकाई तहसील/जिला स्तर पर स्थापित की जाये तो इसके लिये पर्याप्त तथा निरंतर बाजार मिल सकता है। इसके साथ-साथ उद्यमी इन उत्पादों की डिजाईनिंग में निरंतर परिवर्तन करता रहे तथा सामान्य (आवश्यक) प्रकार के बटनों के साथ-साथ फैन्सी बटनों का निर्माण भी करें तो इस प्रकार का भविष्य अत्यंत उज्ज्वल हो सकता है।

प्लास्टिक बटनों के निर्माण में मुख्यतया दो विधियों का उपयोग होता है – डाईपंचिग विधि से पोलिएस्टर अथवा एक्रीलिग शीट्स की कटिंग करके, अथवा काम्प्रेशन मोल्ंडिग विधि से यूरिया फार्मेल्डीहाइड मोल्ंडिग पावडर को प्रोसेस करके वर्तमान परियोजना में एक्रीलिक शीट्स से डाईपंचिंग विधि द्वारा बटन बनाने की योजना प्रस्तुत की गई है। इस विधि द्वारा बटन बनाने की प्रक्रिया के प्रमुख चरण निम्नानुसार हैं।

 

उत्पादन प्रक्रिया :

  1. एक्रीलिक शीट की बटन को कच्चे (Rough) आकार में काटना
  2. वांछित आकार तथा डिजाइन में बटन की फिनिशिंग करना।
  3. बटन के ऊपरी (मुख) भाग पर डिजाइन बनाना।
  4. बटन में छेद बनाना (ड्रिल करना)
  5. पॉलिशिंग करना
  6. बटन पैक करके विपणन हेतु प्रस्तुत करना।

 

प्रक्रिया :

Acrylic Sheets से बटन बनाने की प्रक्रिया बेहद सरल एवं सहज है | सर्वप्रथम बाज़ार से कच्चे माल के तौर पर उपयोग होने वाली Acrylic Sheet खरीद ली जाती है | उसके बाद बटन के साइज़ के आधार पर Sheet काटने वाली मशीन से शीट को काट लिया जाता है | बटन पर छेद करने वाली मशीन से बटन पर छेद करके बटन के किनारों को Grinding Machine के माध्यम से Finishing की जाती है |

उसके बाद डिजाईन को बटन पर उभारा जाता है और पोलिशिंग प्रक्रिया को अंजाम दिया जाता है | पोलिशिंग करके Acrylic Button को Boxes में पैकेजिंग करके मार्किट में बेचकर कमाई की जाती है | अलग अलग Manufacturing Units द्वारा अलग अलग विधियाँ अपनाई जाती हैं | इसलिए उद्यमी किसी प्रशिक्षण केंद्र से प्रशिक्षण लेकर या फिर बटन बनाने के लिए मशीन बेचने वाले विक्रेता भी इस तरह का प्रशिक्षण अपने ग्राहकों को देते हैं |

यद्यपि Acrylic Buttons की गुणवत्ता हेतु BIS द्वारा कोई IS specifications निर्धारित नहीं किये गए हैं | किन्तु Plastic Buttons thermosetting  के लिए  Bureau of India Standard  ने IS : 1461 – 1966 और IS : 8543 (Part XIII/Sec.I) – 1977 निर्धारित किये हैं |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *