रेस्टोरेंट शुरू करने का तरीका

भारत में फूड कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। रेस्टोरेंट बिजनेस में बेहतर मौके बन रहे हैं। ऑनलाइन फूड डिलिवरी की बढ़ती मांग के कारण पिछले कुछ सालों ये इंडस्ट्री लगातार मुनाफे में है। वित्तीय वर्ष 2015 में इंडस्ट्री का कारोबार 258 बिलियन डॉलर के आसपास रहने का अनुमान है, जबकि वित्तीय वर्ष 2020 तक यह कारोबार 318 बिलियन डॉलर (यानी लगभग 1144800 करोड़ रुपए) तक पहुंच जाएगा। अगर आप भी कोई बिजनेस शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं, तो रेस्टोरेंट खोलना बेहतर विकल्प हो सकता है। हम आपको बता रहे हैं कि इसे शुरू करने के लिए कितनी जगह, रुपए और किन-किन लाइसेंस की जरूरत होती है।

 

प्रकार :

A)

आप किस प्रकार का रेस्टोरेंट खोलना चाहते हैं इसका फैसला रेस्टोरेंट में रखे जाने वाले व्यंजनों पर निर्भर करता है। पाकशास्त्र का ज्ञान एवं इसमें आपका तजुर्बा रेस्टोरेंट को चलाने में आपकी मदद करेगा। यदि आप अपना रेस्तारां एक मौल में खालना चाहते हैं तो आप एक फास्ट फूड़ रेस्टोरेंट या एक फैमिली क्विज़ीन के रूप में अपनी शुरूआत कर सकते हैं।

B)

इससे यह पता चलता है कि रेस्टोरेंट को खोलने में स्थान भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। रेस्टोरेंट कई तरह के होते हैं। वेज, नॉन वेज और रेस्टोरेंट विद बार। फिर ये तय करें कि सिर्फ फास्ट फूड वाला होगा या किसी थीम पर आधारित। मसलन, चाइनीज, कॉन्टिनेंटल या कोई और। इन सब चीजों को तय करने के बाद आपका बजट तय होता है। सामान्यतः अच्छा रेस्टोरेंट खोलने के लिए 7-12 लाख रुपयों की जरूरत होती है। यदि जमीन खुद की हो, तो इसकी कॉस्ट और कम हो जाती है।

 

पूंजी :

कोई भी काम आपको शुरूआत में ही मुनाफा कमाकर नहीं देगा। अतः जब तक आपका रेस्टोरेंट सेट नहीं हो जाता आपको उससे जुडे खर्चों को उठाना होगा। आप जिस बिज्नस में निवेश करने के बारे में सोच रहे हैं वह अन्य बिज्नस से अलग है। यहां चीज़ों को ना बिकने पर अधिक समय के लिए रखा नहीं जा सकता। रेस्टोरेंट को शुरू करने से पहले खान-पान की चीज़ों का हिसाब, नौकरों की तनख़्वाह एवं रेस्टोरेंट के किराए का हिसाब लगाना जरूरी है।

सबसे main तो बात यही पर है की खर्चा कितना आयेगा, तो जैसे मैंने बोला था की काम को ground level पर शुरू करने से पहले आप अपनी financial planing कर लें की आपको कितना खर्चा आयेगा जैसे कुछ चीजो की list –

 

  • शॉप रेंट
  • पानी की प्रबंध
  • किचन का सामान
  • बर्नर
  • रेफ्रिजरेटोर
  • बर्तन
  • Raw material (आटा,चावल,मैदा etc)
  • ग्रोसरी
  • Counter
  • Table-chair
  • Decoration
  • Printing menu
  • Advertising
  • Staff

अगर हम मने की |chef|2*waiter|cleaner|manager| हैं तो करीब करीब 60000-70000 रुपये तक खर्चा staff पर ही आयेगा । तो इस हिसाब से दुकान का किर्या अगर 30000 भी होता है तो करीब करीब हर महीने इसको बरक़रार रखने के लिए करीब 1.5 से लेकर 2 लाख रुपये तकआ सकता है । तो यह वे कुछ चीजे है जिनका आप एक अनुमान लगा सकते हैं की एक एक पर कितना खर्चा आयेगा ।

 

कानूनी बातें :

रेस्टोरेंट शुरू करने से पहले मालिक के पास रेस्टोरेंट को शुरू करने का लाइसेंस होना चाहिए। यह लाइसेंस व परमिट आपको स्वास्थ्य सेवा विभाग से प्राप्त होगा। फूड स्थापना परमिट एक महत्वपूर्ण परमिट है जोकि रेस्टोरेंट के मालिक के पास मौजूद होना चाहिए। इसके अलावा, मालिक को रेस्टोरेंट का बीमा भी करवाना पड़ता है।

 

जगह :

आप माने या न माने मगर आप चाहे कितना अच्छा खाना बना ले customer को कितनी अच्छी service भी दे दें पर जगह अपने गलत choose कर दी तो आप बहुत बड़ी गलती कर सकते हैं . Because restaurant का business एक बार सेटअप हो गया तो फिर एक जगह से दूसरी जगह shift करना आसान नहीं होता. इसलिए कोशिश यह करे की भीड में ही opening करें और ऐसे में अगर आप customer को service भी अच्छी दें तो customer बार बार आपके पास आयेगा . बाकी अगल बगल के restaurant से अच्छी service देने की कोशिश करेंग customer का ध्यान रखेंगे तो वो दुसरो की बजाये आपके पास आना पसंद करेंगे.  So first good location and then good service is must.अब आपने यह भी तह कर लिया हो तो अब आप marketing पर जोर दें .

 

तेजी से बढ़ते शहरीकरण, व्यस्त जीवन-शैली और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रही प्रगति ने विकासशील देश में लोगों के जीवन-यापन के तरीके को बदल कर रख दिया है. इन बदलावों के नतीजे के तौर पर लोगों ने घर पर खाना पकाने और खाने की आदत में भी परिवर्तन किया है. खासकर शहरों में रहने वाले लोग रेडी टू ईट मील, फास्ट फ़ूड और जंक फ़ूड पर ज्यादा निर्भर होते जा रहे हैं.फास्ट फ़ूड का चलन 1950 के दशक में सबसे पहले अमेरिका में शुरू हुआ और बीसवीं सदी के अंत तक एशियाई देशों से होता हुआ भारत में पहुंचा.

 

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