मोबाईल शॉप कैसे शुरू करें

कैसे करें शुरुआत :

मोबाइल रिपेयरिंग के लिए कुछ महीनों का प्रशिक्षण लेकर आप मोबाइल रिपेयर शॉप खोल सकते हैं. मोबाइल रिपेयरिंग शॉप शुरू करने से पहले प्रशिक्षण के अलावा सही जगह का चुनाव और कुछ जरूरी उपकरणों की आवश्यकता होती है. मोबाइल रिपेयरिंग ऐसा काम है, जिसे बगैर प्रशिक्षण के नहीं किया जा सकता. हर छोटे-बड़े शहर में आईटीआई और कई प्राइवेट संस्थान कुछ महीनों का प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाते हैं. सर्टिफिकेट कोर्स दो-तीन से छह माह तक होता है, जबकि डिप्लोमा पाठय़क्रम एक वर्ष का होता है. प्रशिक्षण लेने के लिए किसी खास डिग्री की जरूरत नहीं है, लेकिन अगर आप आठवीं या दसवीं उत्तीर्ण हैं तो प्रशिक्षण के दौरान आपको आसानी होगी. हालांकि कुछ संस्थान बारहवीं के बाद ही प्रशिक्षण के लिए दाखिला देते हैं.

 

कोर्स :

वैसे तो मोबाइल रिपेयरिंग में अभी तक कोई डिग्री कोर्स नहीं है, लेकिन आप किसी भी संस्थान से डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स आसानी से कर सकते हैं. सरकारी संस्थानों में अभी मोबाइल रिपेयरिंग के प्रशिक्षण की कमी है. अधिकतर संस्थानों में सर्टिफिकेट कोर्स की अवधि एक से तीन या छह महीने और डिप्लोमा कोर्स की अवधि एक वर्ष है.

 

जगह का चुनाव :

वर्तमान में अधिकतर Mobile phones online भी ख़रीदे जाते हैं, इसलिए अपना Mobile shop business E Commerce कंपनियों के साथ मिलकर करने के लिए उद्यमी को चाहिए, की वह ऐसी लोकेशन पर अपनी shop rent पर ले जहाँ स्थानीय customers के साथ साथ वह Online customers को भी Target कर सके अर्थात जहाँ विभिन्न कंपनियों की courier service उपलब्ध हो. ताकि उद्यमी खुद का या विभिन्न E Commerce कंपनियों के साथ मिलकर अपने Mobile phone business को आगे बढाने में सक्षम हो सके. मोबाइल रिपेयरिंग का काम शुरू करने के लिए सबसे पहली प्राथमिकता है जगह का चुनाव, क्योंकि जितनी भीड़भाड़ वाली जगह यानी घनी मार्केट होगी, आपका काम उतना ही अच्छा चलेगा. इसके साथ ही लाइट की व्यवस्था और ग्राहकों  के आने-जाने में आसानी वाली जगह का ही चुनाव करना चाहिए.

 

कैसे Distributor चुने :

अब उद्यमी का अगला कदम Mobile shop business के लिए distributor ढूँढने का होना चाहिए. जो उद्यमी के आवश्यकतानुसार Mobile phones और Accessories की डिलीवरी उसकी shop पर आसानी से सस्ते या उचित दामों में करा सके. Distributor से Mobile phones खरीदकर उद्यमी को दुकान में इस तरह से सजाने चाहिए की वे ग्राहकों को आकर्षित कर सकें. इसके अलावा उद्यमी को चाहिए की अपने Mobile shop business की अच्छे ढंग से Marketing करे. इसके लिए स्थानीय Customers को रिझाने के लिए Posters एवं Banners का सहारा लिया जा सकता है. और वर्तमान में उद्यमी विभिन्न तरह की Online Marketing जैसे Social Media Marketing, Search engine Marketing को भी आजमा सकता है. क्योकि इन Platforms में आसानी से area को target किया जा सकता है.

 

जरूरी उपकरण :

प्रशिक्षण के दौरान आपको उपकरणों के बारे में और उनके इस्तेमाल के बारे में विस्तृत तरीके से बताया जाता है. रिपेयर के दौरान जिन उपकरणों की अधिक जरूरत पड़ती है वह हैं पेचकस सेट, एमएसडी, सोल्डिंग आयरन, डिजिटल मीटर और कंप्यूटर या लैपटॉप. ये सभी सामान आपको नजदीकी मार्केट में आसानी से मिल जाएंगे.

 

आमदनी :

किसी छोटे शहर में अपना रिपेयरिंग का काम शुरू करने पर 12 से 20 हजार रुपए प्रतिमाह आसानी से मुनाफा हो सकता है. अगर ग्राहकों के साथ संबंध अच्छे रखेंगे और अच्छा काम देंगे तो काफी कम समय में आपकी आमदनी अच्छी-खासी हो सकती है. मोबाइल रिपेयरिंग के काम में आप दस से पचास हजार रुपए प्रतिमाह तक कमा सकते हैं. यह आपके काम, जगह के चुनाव और ग्राहकों की तादाद पर निर्भर करेगा.

 

फायदे :

  • यदि आप अच्छे से किसी बात को कैच करते हैं और जल्द ही किसी चीज को या पुर्जो की बारीकियों को समझ जाते हैं तो-
  • यह काम कम समय की मेहनत में बेहतर परिणाम देने वाला साबित हो सकता है.
  • आप बड़ी शॉप खोल कर मोबाइल रिपेयर पार्ट्स भी बेच सकते हैं.
  • खाली समय में पुराने खराब मोबाइल ठीक करके बेचने में भी अच्छी कमाई कर सकते हैं.
  • मोबाइल्स की मैन्युफैक्चरिंग कर सकते हैं.
  • एजेंसी लेकर मोबाइल का व्यापार कर सकते हैं.
  • मोबाइल एजेंसियों से कॉन्टेक्ट करके उनकी बिक्री के साथ खुद की वारंटी पर उन्हें बाजार में उतार सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *