मुर्गी पालन कैसे शुरू करें

मुर्गी पालनसे हमारा तात्पर्य किसी खास उद्देश्य जैसे अंडो का उत्पाद या मांस का उत्पाद हेतु मुर्गियों का पालन पोषण करने से है. ग्रामीण इलाको में कुछ लोग मुर्गी पालन तो करते हैं . लेकिन बहुत कम मात्रा में . अर्थात मुर्गे या मुर्गियों की मात्रा बहुत कम होती है . जिससे उनका यह मुर्गी पालनव्यवसाय पूर्ण रूप से उनके व्यवसाय में तब्दील नहीं हों पाता . साधारण शब्दों में अधिक से अधिक अंडो और मुर्गी के मांस का उत्पाद हेतु जो क्रिया की जाती है . मुर्गी पालनकहलाती है.

 

जगह की जरूरत :

मुर्गी पालन करने से पहले यह आवश्यक है की आपको कितने space की जरुरत पड़ने वाली है . एक अनुमान के मुताबिक लगभग 1 से 1.5 वर्गफुट  एक मुर्गी के लिए काफी है .  उसी तरह 100 मुर्गी पालने के लिए आपको 100 – 150 sq feet की जगह लगेगी . जगह हवादार, आस पास साफ़ सुथरी, और सुरक्षित होने चाहिये .  Road से नजदीक ही poultry farm setup करे और शहर से ज्यादा दूर ना हो, अन्यथा माल भेजने का खर्चा जायदा पड़ेगा.

 

पिने के पानी के लिए उचित धयान रखे, possible हो तो एक बोरेवेल (borewell) या कुवां रखे ताकि पानी का हमेशा रहे . जिस स्थान पर आप मुर्गियों / चूजे को रखने वाले है वो हमेशा dry / सुखा होना चाहिए . वैसे तो आपको मुर्गी पालक / poultry farm owner से जुड़े लोग 1 sq feet हर मुर्गी की space की सलाह देंगे पर ध्यान रखे अगर आप कम space में ज्यादा चूजे को रखंगे तो चोट / injury होने के ज्यादा chances रहेंगे, आपस में लड़ेंगे  और loss भी आप ही को होगा . इसलिए हमेशा 1 & 1/2 sq feet कम से कम हर मुर्गी को जगह दे .

 

  • उस हिसाब से अगर आप 100 poultry chicken रख रहे है तो आपको 150 sq feet की space लगेगी .
  • 500 चूजे को रखने के लिए 750 sq feet space लगेगी.
  • 1000 मुर्गियों को अच्छे से रखने के लिए 1,500 space लगेगा.

 

लेयर मुर्गी पालन :

1)

अगर आप मुर्गी पालनko अपने व्यवसाय के रूप में अपनाना चाहते हैं . तो आपके लिए बेहद जरुरी हों जाता है . की पहले आप यह तय कर लें की आप अपने ग्राहकों अर्थात लोगो को देना क्या चाहते हैं . यदि आप मुर्गी पालनकरके अंडे बेचना चाहते हैं . तो आपको लेयर मुर्गिया मुर्गी पालनके लिए चुननी होंगी . क्योकि अंडे देने वाली मुर्गियों को लेयर चिकन कहा जाता है . लेयर मुर्गियां अपनी चार पांच महीने (अर्थात 15-22 सप्ताह ) में अंडे देना प्रारम्भ कर देती हैं . और उसके बाद लगभग 11 -12 महीने तक अंडे देती हैं . अर्थात अपनी 1.5 साल की उम्र में अंडे देना कम या बंद कर देती हैं .

2)

साधारणतया मुर्गी पालनka व्यवसाय करने वाले लोग एक मुर्गी को जब उसने पहली बार अंडे देना शुरू किया था . उसके बाद लगभग 1 साल 1 महीने तक रखते हैं . और फिर मांस हेतु बाज़ार में बेच देते हैं . इस प्रकार की मुर्गियां ठण्ड के मौसम से गर्मियों के मौसम में अधिक अंडे देती हैं . मुर्गियों के अंडे देते वक़्त वातावरण का भी प्रभाव पड़ता है . अँधेरे के मुकाबले उजाले वाला वातावरण मुर्गियों को जल्दी अंडे देने में मदद करता है . इस प्रकार की मुर्गिया एक साल में लगभग 300 अंडे और इस प्रकार की मुर्गियों की कुछ नस्ल 300 से ज्यादा अंडे दे सकती हैं .

 

प्रकार :

  • Boiler Farm: इसमें आप को चूजे लेकर उसे 40-50 दिनों में बड़ा कर के बेचना होता है.
  • Egg Farm: इसमें आप को अच्छी नस्ल की मुर्गिया लेकर उनके Egg को बेचना होता है. आप अच्छी नस्ल के मुर्गी लाकर उनके अंडो को बेच सकते है.
  • चूजों को बेचना : या फिर आप दूसरे फार्म वालो को चूजे और उनका फ़ूड बेच सकते है. i think it is costly project क्यों की हमें एक laboratory बनानी पड़ती है.
  • Farm किराये से देना: या फिर आप अपना Ready Farm किराये पर भी दे सकते है, फार्म का किराया अच्छा खासा आ जाता है.

 

देखभाल कैसे करे :

A)

  • जब हम नए चूसे लाते है तो 1 सप्ताह उनका बहोत खयाल रखना पड़ता है. उन्हें हाथ में लेने से पहले अपने हाथ अच्छी तरह से धो ले , बाद में ही उन्हें हाथ  लगाए.
  • एक Specialist Doctor के द्वारा हर सप्ताह में उनकी जाँच करवाये , और समय समय पर Vaccination आदी करवाये ताकि उन्हें बीमारी और Infection से बचाया जा सके.
  • रात में मुर्गियो को जादा खाना न दे क्यों की रात को कीड़ो का खतरा रहता है , और मुर्गियों को इससे Infection  हो सकता है.  या फिर पहले कीड़ो का बंदोबस्त करे.

B)

  • Farm के साफ सफाई पर ध्यान दे. जिस बर्तन में आप मुर्गियों को खाना और पानी दे रहे  है उसे हर २-3 दिन में साफ करे.
  • अगर जादा ठंड पद रही है तो Heater या Light लगाए और फार्म का Temp maintain रखे.
  • चूजो की बढ़ती उम्र में ध्यान रखे.  उनके फ़ूड में Calcium और Protein  युक्ति ही खाना दे और उनके फ़ूड रखने के जगह  भी साफ सुथरी रखे.

C)

  • दिन में 3 -4 बार खाना डाले. मुर्गिया winter में जादा खाना खाती है.  As compare To Summer, Summer  में उनका अधिक ध्यान दे.
  • मुर्गियों को रोगों से दूर रखने के लिए उनके खाने में कीटाणु नाशक द्रव्य व दवाई का पशु डॉक्टरों की सलाह से इस्तेमाल करे.
  • चूजो को फार्म में रखने से पहले फार्म की अच्छी तरह से सफाई करे. कीड़े मकोड़े  हो तो पहले उनक बंदोबस्त करे अच्छी तरह सफाई होने के बाद ही चुसो को फार्म में रखे.
  • बॉयलर मुर्गिया किसी भी रोग से जल्द प्रभवित हो जाते है इसलिए उन के स्वास्थ का पूरा ध्यान रखे.

 

विष्ठा से खाद :

मुर्गी की विष्ठा का खाद के रूप में भी उपयोग किया जाता है, जिससे फसल के उत्पादन में वृद्धि होती है. 40 मुर्गियों की विष्ठा में उतने ही पोषक तत्त्व होते हैं जितने कि एक गाय के गोबर में होते हैं.

 

 

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