आइसक्रीम पार्लर कैसे शुरू करे

गर्मी पूरे उफान पर है. लोग गर्मी से बचने के लिए ठंडी चीजें खाना चाहते हैं. इनमें सबसे ज्यादा आइसक्रीम की डिमांड है. इस सीजन में यदि कोई व्यक्ति कम पैसों में जल्द से जल्द बिजनेस शुरू करना चाहता है तो आइसक्रीम पार्लर अच्छा ऑप्शन हो सकता है. ऐसा नहीं है कि यह बिजनेस केवल गर्मियों में ही चलेगा. क्योंकि अब सर्दियों में भी आइसक्रीम खाने का शौक बढ़ रहा है, इसलिए इस बिजनेस में अच्छी कमाई का मौका है.

यूं तो हर बड़ी कंपनी आइसक्रीम पार्लर की फ्रेंचाइजी देती है, लेकिन यदि आप इंडिपेंडेंट पार्लर खोलते हैं तो वह सस्ता भी पड़ेगा और कस्टमर्स को एक साथ कई ब्रांड की आइसक्रीम एक ही जगह मिलेंगी. इससे आपकी सेल्स बढ़ेगी. 1 से 2 लाख रुपए के इंवेस्टमेंट के साथ यह पार्लर शुरू किया जा सकता है. इसके लिए सबसे पहले आपको अच्छी लोकेशन पर एक शॉप किराए पर लेनी होगी. वहां फंड कैपेसिटी के मुताबिक इंटीरियर, फर्नीचर के अलावा आपको एक डीप फ्रीजर लगाना होगा. साथ ही, शहर के आइसक्रीम डिस्ट्रिब्यूटर्स से संपर्क करके अलग-अलग ब्रांड की आइसक्रीम रख सकते हैं.

India के उत्तरपूर्वी राज्यों में हो रही जनसँख्या में वृद्धि, और युवाओं के जीवनशैली में हो रहे तेजी से बदलावों के कारण Ice cream making business में Growth देखी जा सकती है. एक आंकड़े के अनुसार India में प्रति व्यक्ति Ice cream की खपत उन्नत देशों की तुलना में बहुत कम लगभग 200ml है, जबकि अंतराष्ट्रीय तौर पर यह आंकड़ा 2 ltrs प्रति व्यक्ति है. जो साफ तौर पर इशारा कर रहा है की India में अन्य देशों के मुकाबले इस Ice cream Making business  में दस गुना scope है.

वैसे तो ice cream का उपभोग अधिकतर तौर पर शहरों में किया जाता है, लेकिन विभिन्न कार्यक्रमों, आयोजनों जैसे शादी समारोह, जन्मदिन पार्टी, शादी की वर्षगाँठ इत्यादि में ग्रामीण इलाकों में भी Ice cream का उपभोग होता है. हालाँकि गर्मियों में इस Ice cream Making business  से जुड़े उद्यमियों को अपने उत्पाद को बेचने के लिए अधिक चुनौतियों का सामना नहीं करना पड़ता. बरसात के मौसम में थोड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन बेहतर होगा की यदि सर्दियों में production बंद ही रहे.

Ice cream making business start करने के लिए उद्यमी को चाहिए की वह अपने बिज़नेस के लिए स्वामित्व Pattern का निर्णय ले. और उसको Registrar of companies के नियमो के मुताबिक रजिस्टर करे. यदि व्यक्ति प्राइवेट लिमिटेड कंपनी रजिस्टर करने की सोच रहा तो इस Registration process को अपना सकता है. इसके अलावा उद्यमी को Trade License, Tax Registration एवं FSSAI की लाइसेंस की भी आवश्यकता पड़ सकती है. और उद्यमी को एक बार अपने क्षेत्र में स्थित जिला उद्योग केंद्र से भी अवश्य संपर्क करना चाहिए. ताकि वह बिज़नेस स्टार्ट करने की सम्पूर्ण प्रक्रिया को समझ सके, और जल्दबाजी में कोई प्रक्रिया छुटने न पाय.

 

अमूल की वेबसाइट में दी जानकारी के मुताबिक, प्रिफर्ड आउटलेट्स शुरू करने के लिए कारोबारी या एंटरप्रेन्योर्स को नीचे दी गई शर्तें पूरी करनी होंगी.

  • अमूल प्रिफर्ड आउटलेट्स के लिए आपकी शॉप बेहतर लोकेशन में होनी चाहिए.
  • शॉप का एरिया 100-300 स्क्वेयर फीट का होना चाहिए.
  • इस आउटलेट में सिर्फ अमूल के प्रोडक्ट्स बेचे जा सकते हैं.
  • आपको शॉप का रेनोवेशन करवाना होगा, जिसके तहत अमूल ब्रान्ड से जुड़ी डिजाइनिंग लगवानी होती है. इस पर 60 हजार से एक लाख रुपए तक खर्च आता है.
  • हालांकि, फ्रेन्चाइजी के लिए ब्रान्डिंग गुजरात कोऑपरेटिव मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन (जीसीएमएमएफ) की तरफ से की जाती है.
  • फ्रेन्चाइजी को एक या दो डीप फ्रीजर्स, एक रेफ्रिजरेटर, एक पिज्जा ओवन और पाउच मिल्क के लिए एक चेस्ट मिल्क कूलर लेना होगा. फ्रीजर्स और रेफ्रिजरेटर, ‘हमारा अपना डीप फ्रीजर स्कीम’ के तहत लिए जा सकते हैं.
  • आपको 25 हजार रुपए इंटरेस्ट फ्री रिफंडेबल सिक्युरिटी डिपॉजिट के तौर पर देना होगा. इसका लॉक-इन पीरियड एक साल होगा. यानी अगर पार्लर ऑपरेशन के एक साल के भीतर बंद होता है तो यह डिपॉजिट लौटाया नहीं जाएगा.
  • फ्रेन्चाइजी को सप्लाई अमूल के होलसेल डीलर्स के जरिए होगी.
  • फ्रेन्चाइज इंडिया के मुताबिक, अमूल के आउटलेट पर शुरुआत में 8 लाख रुपए खर्च होंगे, जबकि रिटर्न ऑफ इन्वेस्टमेंट (RoI) 30-40 फीसदी तक हो सकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *